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ऊपरघाट में कोयला तस्करी उफान पर, पुलिस की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल

ऊपरघाट में कोयला तस्करी उफान पर, पुलिस की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल
बोकारो थर्मल
नावाडीह प्रखंड के ऊपरघाट में इन दिनों कोयले की अवैध तस्करी जोरों पर है। स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण यह गोरखधंधा खुलेआम फल-फूल रहा है। बताया जा रहा है कि नावाडीह और पेंक-नारायणपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में करीब छह अवैध डिपो संचालित किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नावाडीह के बारीडीह जंगल, पेंक-नारायणपुर के पलामू-दर्जी मुहल्ला, गिदरपटका के जंगलों में अवैध कोयला डिपो बनाए गए हैं। यहां से रोजाना ट्रकों के जरिए कोयले की ढुलाई कर दूसरे राज्यों की मंडियों में भेजा जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेंक-नारायणपुर और नावाडीह पुलिस को इस अवैध धंधे की पूरी जानकारी है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
बाइक और ट्रकों से हो रही तस्करी
ऊपरघाट के रसबेड़वा, ताराबेड़ा, सोतोपानी और खासमहल के जंगलों से कोयले का अवैध उत्खनन कर बारीडीह जंगल में जमा किया जाता है, फिर वहां से ट्रकों के माध्यम से अन्य जगहों पर भेजा जाता है। इसके अलावा, सैकड़ों बाइकों के जरिये भी डिपो में कोयला लाकर जमा किया जाता है।
नावाडीह की एक फैक्टरी से भी रात में होती है तस्करी
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि नावाडीह स्थित एक फैक्टरी से भी रात के अंधेरे में अवैध कोयला तस्करी की जा रही है। इससे जाहिर होता है कि अवैध कारोबारियों का नेटवर्क काफी मजबूत है, और प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं हो सकता।
प्रशासन से अवैध तस्करी पर रोक लगाने की मांग
ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अगर जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध धंधा और ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा है।

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