ओरिका अधिकारियों ने पिट्स मॉडर्न स्कूल का किया दौरा, शिक्षा और उद्योग के संगम पर की चर्चा
अनंत/डेस्क
शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से ओरिका कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल ने आज 27 फरवरी गुरुवार को पिट्स मॉडर्न स्कूल का दौरा किया. विद्यालय के प्राचार्य बृजमोहन लाल दास ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए उन्हें गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देना, नेतृत्व और परिचालन रणनीतियों पर चर्चा करना तथा उद्योग और शिक्षा के बीच नए अवसरों की खोज करना था.
छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद
प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल प्रबंधन, संकाय और छात्रों के साथ गहन विचार-विमर्श किया. इस दौरान शैक्षिक पहल, अकादमिक सहयोग और संभावित साझेदारी के अवसरों पर विशेष चर्चा हुई. ओरिका अधिकारियों ने विद्यालय के बुनियादी ढांचे, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और समग्र शिक्षा प्रणाली की सराहना की.
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य
इस उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल में ओरिका के निदेशक गॉर्डन नायलर, जॉन बीवर्स और सुश्री वैनेसा गुथरी शामिल थे. इनके साथ जर्मन मोरालेस (ग्रुप कार्यकारी और अध्यक्ष, ऑस पैक एंड सस्ट), लीह बार्लो (अध्यक्ष, एस एच ई एस, डिस्क्रीट एम एफ जी एवं सप्लाई), फ्लेर हैनाफोर्ड (कार्यवाहक उपाध्यक्ष, ग्रुप एस एच ई एस) और एस्टेल डेलकोर्ट (उपाध्यक्ष, विनिर्माण) भी मौजूद रहीं.
भविष्य में सहयोग की प्रतिबद्धता
यह यात्रा आपसी सहयोग और सद्भाव को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई. सभी अधिकारियों ने औद्योगिक विशेषज्ञता को शिक्षा के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और भविष्य में स्कूल के साथ साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.
विद्यालय प्रशासन और ओरिका अधिकारियों का समर्थन
विद्यालय के प्राचार्य बृजमोहन लाल दास ने इस यात्रा के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि “छात्रों को वास्तविक दुनिया के उद्योगों और आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के लिए इस तरह की बातचीत बेहद जरूरी है.
ओरिका के महाप्रबंधक अभिषेक विश्वास और गोमिया विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अरिंदम दास गुप्ता ने विद्यालय की पहलों की सराहना की और अकादमिक सहयोग को बढ़ाने के लिए निरंतर समर्थन देने का आश्वासन दिया.
यह दौरा ओरिका और पिट्स मॉडर्न स्कूल के बीच संबंधों को मजबूत करने और भविष्य में उद्योग और शिक्षा के बीच अधिक से अधिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ.
