गोमिया के बेटे खेमन कुमार को राष्ट्रीय सम्मान, गांव से दिल्ली तक की प्रेरक यात्रा
डेस्क/अनंत कुमार
बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत अंबाटांड गांव से निकलकर राष्ट्रीय पहचान बनाने वाले खेमन कुमार की संघर्षपूर्ण और प्रेरक जीवन-यात्रा को ईटी लीडरशिप एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2025 के रूप में बड़ी उपलब्धि मिली है। उन्हें “एक्सीलेंस इन स्ट्रैटेजिक पीआर एंड रेप्युटेशन मैनेजमेंट सर्विसेज” श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति झंगियानी की गरिमामयी उपस्थिति में प्रदान किया गया।
यह उपलब्धि उस यात्रा की पहचान है, जिसकी शुरुआत गोमिया के हज़ारी पंचायत के अंबाटांड गांव से हुई। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने अपने गांव के निकट स्थित छोटे से विद्यालय शिशु शिक्षा सदन, स्वांग से प्राप्त की। पिता सोना यादव का सेवानिवृत्त हो गए थे जब खेमन 9 साल का था। सीमित संसाधनों और साधारण परिवेश में पढ़ाई करते हुए उन्होंने बड़े सपनों की नींव रखी। दसवीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए वे हजारीबाग गए, जहां से उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
शिक्षा के प्रति समर्पण और बेहतर भविष्य की तलाश उन्हें देश की राजधानी दिल्ली तक ले आई। यहां उन्होंने स्नातक एवं स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के साथ-साथ जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों ने उन्हें संघर्षशील, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाया। करियर की शुरुआत उन्होंने दिल्ली की एक निजी कंपनी से की, जहां कार्य-संस्कृति, जिम्मेदारी और समर्पण के मूल्यों को आत्मसात किया।
वर्ष 2015 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए उद्यमिता की राह चुनी और एक पब्लिक रिलेशंस एवं रेप्युटेशन मैनेजमेंट कंपनी की स्थापना की। ईमानदार संवाद, रणनीतिक सोच और विश्वसनीयता के आधार पर शुरू की गई यह संस्था आज एक प्रतिष्ठित पीआर परामर्श कंपनी के रूप में पहचान बना चुकी है। बीते एक दशक में इस संस्था ने कॉर्पोरेट संगठनों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों, विशेषकर किसानों की आवाज को नीति-निर्माताओं और समाज तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
यह सम्मान न केवल खेमन कुमार की व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे गांवों से निकलकर बड़े सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।
