गोमिया: नफरतों को दूर कर आपस में गला मिलाता है ईद उल फितर: अफजल दुर्रानी
गोमिया/डेस्क
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के झारखंड राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड अफजल दुर्रानी ने देशवासियों और अपने राज्य के सभी वासियों को ईद उल फितर की ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। श्री दुर्रानी ने ईद उल फितर की नमाज में देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआएं की।
अफजल दुर्रानी ने कहा कि ईद उल फितर रमजान महीने की इबादत का तोहफा है। लोग पूरे महीने इबादत करते हैं और उसकी खुशी जाहिर करने के लिए ईद मनाते हैं। यह त्योहार नफरतों को दूर कर आपस में प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है।श्री दुर्रानी ने कहा कि वर्तमान में समाज में कुछ ताकतें नफरत फैलाने का काम कर रही हैं, जिससे आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब को खतरा है। उन्होंने वर्तमान में चर्चा का विषय बने वक्फ बोर्ड बिल का भी जिक्र किया और कहा कि यह बिल अल्पसंख्यकों के खिलाफ है। इससे मस्जिदों पर हमले होंगे, कब्रिस्तानों पर कब्जे किए जाएंगे, खानकाहों को निशाना बनाया जाएगा और वक्फ बोर्ड पर हमले किए जा रहे हैं।
श्री दुर्रानी ने आगे कहा कि यदि यह बिल लागू होता है तो सच में अल्पसंख्यकों के साथ धोखा होगा। उनकी जमीनें छीनी जाएंगी, उनकी संपत्तियों पर कब्जा किया जाएगा, जो कि उनके पूर्वजों की धरोहर हैं। वक्फ प्रॉपर्टी सिर्फ एक संपत्ति नहीं, बल्कि एक धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत है, जिसे नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।
उन्होंने सभी समुदायों से अपील की कि वे एकजुट रहें और देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को बनाए रखने में योगदान दें।