गोमिया में हाथियों का कहर बेलगाम, तीन की मौत के बाद फिर दो ग्रामीणों की कुचलकर हत्या
गोमिया
गोमिया प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत का गम अभी लोगों के दिलों से उतरा भी नहीं था कि शुक्रवार शाम हाथी के हमले में दो और लोगों की जान चली गई। ताजा घटना महुआटांड़ पंचायत के गांगपुर गांव की है, जहां जंगली हाथी ने 50 वर्षीय सोमर साव और उनके 8 वर्षीय पोते आयुष कुमार को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।
घटना के दौरान हाथी के हमले में 12 वर्षीय पोती राशि कुमारी, 9 वर्षीय नाती राहुल कुमार तथा मृतक की 52 वर्षीय समधन भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलते ही पूर्व पंचायत समिति सदस्य फूलचंद केवट मौके पर पहुंचे और घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए रामगढ़ भेजवाया गया। उन्होंने बोकारो उपायुक्त से बातचीत कर पूरे इलाके में तत्काल रोशनी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
महुआटांड़ थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के आतंक से दहशत का माहौल है। जंगल से होकर गुजरने वाले राजरप्पा, रामगढ़ और ललपनिया मार्ग पर आवागमन करना खतरनाक हो गया है। शाम ढलते ही हाथियों का गांव में घुस आना आम बात हो गई है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग में वनकर्मियों की भारी कमी है और हाथियों के अलग-अलग दलों पर नियंत्रण पाने में विभाग पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। जिला प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद हाथी हमले लगातार जारी हैं। बढ़ती घटनाओं से लोगों में आक्रोश है और वन विभाग व प्रशासन से ठोस और प्रभावी सुरक्षा इंतजाम की मांग तेज हो गई है।
