गोविंदपुर परियोजना में कोयला चोरी जारी, युवक घायल—पुलिस बनी मूकदर्शक
गोमिया/डेस्क
बोकारो थर्मल थाना क्षेत्र अंतर्गत सीसीएल की गोविंदपुर परियोजना में कोयला चोरी धड़ल्ले से जारी है, लेकिन स्थानीय पुलिस इस अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। गुरुवार रात को कोयला चोरी के दौरान एक युवक डंपर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि उसके दोनों पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उसके साथी उसे आनन-फानन में उठाकर ले गए और गोपनीय तरीके से उसका इलाज रांची के किसी निजी अस्पताल में कराया जा रहा है।
कोयला चोरी पर कोई रोक नहीं, पुलिस ने साधी चुप्पी
सूत्रों के अनुसार, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सैकड़ों की संख्या में लोग साइकिल और मोटरसाइकिल से सीसीएल के गोविंदपुर परियोजना के कोयला यार्ड में पहुंचते हैं। वहां से कोयला बोरी में भरकर वे आसानी से निकल जाते हैं। बीती रात भी ऐसा ही हुआ, जब बड़ी संख्या में कोयला चोर पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक डंपर की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इस संबंध में सीसीएल प्रबंधन भी चुप्पी साधे हुए है।
हालात यह हैं कि कोयला चोरी करने वालों की संख्या इतनी अधिक होती है कि सीसीएल के सुरक्षा गार्ड उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने से बचते हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस पूरी तरह मूकदर्शक बनी हुई है। बार-बार शिकायतों के बावजूद पुलिस कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है, जिससे कोयला माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
क्या पुलिस और कोयला माफियाओं में मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और कोयला माफियाओं के बीच गहरी साठगांठ है, जिसके कारण यह अवैध कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। पुलिस की निष्क्रियता के चलते यह अवैध धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई बड़ा हादसा होगा? या फिर पुलिस अपनी जिम्मेदारी से यूं ही पल्ला झाड़ती रहेगी? जनता ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
