चाईबासा: लोकसभा में पराजय के बाद भाजपा के अंदर हो रही है समीक्षा
सिद्धार्थ पाण्डेय/ चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम) स
हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी गीता कोड़ा की बड़ी हार और अपने गृह क्षेत्र से 21 हज़ार वोट से हारने के बाद जगन्नाथपुर विधानसभा में पार्टी दो गुटों में बंटी नजर आ रही है.
सूत्रों के अनुसार, एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा अपने पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ, भाजपा के वरिष्ठ और पुराने कार्यकर्ताओं ने भी अपनी गोलबंदी शुरू कर दी है.
शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता रविंद्र प्रधान की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई. श्री प्रधान ने कहा कि हर बार नेतृत्व द्वारा पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को टिकट न देकर अन्य दलों से आने वाले व्यक्तियों को टिकट देकर चुनाव लड़ाया जाता है. 2004 से 2019 तक के विधानसभा चुनावों में नए लोगों को नेतृत्व देकर कार्यकर्ताओं को ठगा गया है, जिससे कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि कोड़ा दंपति को क्षेत्र के लोगों ने नकार दिया है और अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो मतदाता उलझन में रहेंगे. ऐसी स्थिति में पार्टी को पुराने कार्यकर्ताओं पर विश्वास करना चाहिए.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर पार्टी इस बार के विधानसभा चुनाव में भी गलत निर्णय लेती है, तो पुराने कार्यकर्ता नए विकल्प पर काम करने को बाध्य होंगे. इस बैठक में सारंडा मंडल अध्यक्ष कैलाश दास, नोवामुंडी मंडल महामंत्री बामिया चम्पिया, अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला मंजीत कोड़ा, वरिष्ठ नेता साहू पुरती, मंगल सिंह गिलुआ, रविंद्र प्रधान, सोमा कोड़ा, जीतू गुप्ता, राजकुमार कैवर्त, राजेश सिंकु, राजेश प्रधान, बंटी सरदार, जगन्नाथ गोप, मनोज सिंह, भीम सिंह वोयपाई आदि उपस्थित थे.
