तेनुघाट: आत्म’ह’त्या के लिए उकसाने के दोषी को 5 साल की सश्रम कारावास की सजा
तेनुघाट
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में बेरमो थाना अंतर्गत बरकी टांड़ धोरी बस्ती निवासी शंकर भुईयां को दोषी करार देते हुए 5 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाया।
वादी शंकरी देवी ने बेरमो थाना में दर्ज कराए बयान में बताया कि उनका नाती बादल कुमार, जो उनके साथ रहता था, 2 मई 2022 को शंकर भुईयां की दुकान से दो पैकेट चना ले आया। इस पर शंकर भुईयां ने उसे दो घंटे तक बैठाकर डांटा और पुलिस में शिकायत करने व केस दर्ज कराने की धमकी दी।
शंकरी देवी ने बताया कि नदी जाते समय जब उन्हें यह बात पता चली, तो उन्होंने अपने नाती को घर की चाबी देकर घर भेज दिया। जब वह वापस लौटीं, तो घर का दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब वह नहीं खुला, तो पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा गया कि पंखे के हुक से कपड़े के सहारे बादल फांसी पर झूल रहा था। पड़ोसियों की मदद से उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।
जांच में यह भी सामने आया कि जब बादल घर लौटा, तो शंकर भुईयां उसे धमकाते हुए उसके घर तक पहुंचा और वहां भी गाली-गलौज और हंगामा किया। इसी डर और घबराहट के चलते बादल ने आत्महत्या कर ली।
मामले में दर्ज आरोप पत्र और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई हुई। गवाहों और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी ने शंकर भुईयां को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी पाया और 5 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक विजय कुमार साहू ने प्रभावी बहस प्रस्तुत की।
