तेनुघाट में जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर, बंदियों का हुआ स्वास्थ्य जांच
तेनुघाट
सर्वोच्च न्यायालय, झारखंड उच्च न्यायालय और प्रधान जिला जज बोकारो के निर्देशानुसार तेनुघाट जेल में रविवार को जेल अदालत सह कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राज कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर बंदियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, जिसमें सामान्य, आंख एवं दांत की जांच की गई।
कानूनी जागरूकता शिविर में एसीजेएम मनोज प्रजापति ने बंदियों को उनके अधिकारों एवं विधिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद या मारपीट की स्थिति में पीड़ित का मेडिकल रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत होता है, जो न्याय दिलाने में सहायक होता है। उन्होंने बंदियों को समझाया कि यदि थाने से नोटिस प्राप्त होता है, तो वे अपनी बात रखने के लिए थाना जा सकते हैं।
प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राज कुमार पांडेय ने कहा कि गरीब एवं असहाय बंदियों के लिए मुफ्त अधिवक्ता की व्यवस्था की गई है, जो उनके मामलों की पैरवी करते हैं। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत नियुक्त अधिवक्ताओं द्वारा यह सेवा प्रदान की जाती है।
स्वास्थ्य शिविर में डॉ. शंभू कुमार ने नशामुक्त जीवन और कानून का पालन करने की सलाह दी। पैनल अधिवक्ता प्रशांत पाल ने दहेज निषेध अधिनियम की जानकारी दी और बताया कि दहेज लेना-देना दोनों ही अपराध हैं।
जेल अधीक्षक अरुणाभ ने स्वागत भाषण में सुधारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। मंच संचालन अधिवक्ता सुभाष कटरियार ने किया और गुस्से पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में जेलर नीरज कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर श्रीनिवास कुमार, विजय ठाकुर, मनोज प्रजापति समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
