Homeबोकारोबेरमो में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का हर्षोल्लास से आयोजन

बेरमो में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का हर्षोल्लास से आयोजन

बेरमो में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का हर्षोल्लास से आयोजन

बेरमो
बेरमो कोयलांचल के गोमिया, फुसरो, बोकारो थर्मल सहित अन्य जगहों पर जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया. गोमिया के साड़म और बिनोद बिहारी महतो करगली फुटबाल ग्राउंड में जलसा की महफ़िल सजायी गई.
गोमिया के साड़म में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस में सैकड़ों लोग शामिल हुए. इस अवसर पर पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह, जिला परिषद आकाश लाल सिंह, पूर्व जिला परिषद प्रकाश लाल सिंह, प्रो धनंजय रविदास, मुखिया शोभा देवी, वारिस, मोकिम, नूर आलम, जिलानी, सदर साबिर अंसारी, अजीत नारायण प्रसाद और उनके सहयोगी गण उपस्थित थे.जुलूस में शामिल लोगों को स्वागत किया गया और उन्हें खीर वितरित की गई. यह आयोजन साम्प्रदायिक सौहार्द और एकता का प्रतीक था.
इस अवसर पर उलेमाओं ने पैगंबर-ए-इस्लाम के जीवन और उनके संदेश के बारे में विचार-विमर्श किया. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पैगंबर के बताए हुए रास्ते पर चलकर समाज में शांति और एकता को बढ़ावा दें.

करगली में कारी सादिक हुसैन, हाफिज एहसानुल होदा, हाफिज मो. अजमत, मौलाना जमाल, मौलाना मुबारक आदि ने तकरीर पेश किया. उन्होंने कहा कि अल्लह के दिखाए हुए रास्ते पर चलने से अल्लाह को राजी किया जा सकता है.
उलेमाओं ने कहा कि बच्चें अपने वालिदेन की नाफमानी कर रहें है. मां के कदमों तले जन्नत है, पिता जन्नत की कुंजी हैं. इसलिए मां-बाप की खिदमत में कभी कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए. आयोजन से पहले फुसरो स्थित विभिन्न स्थानों से जुलूस निकाला गया, जिसमें बड़े-बुजुर्गों युवा-बच्चे हांथों में इस्लामिक झंडे लिए शामिल हुए.

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