बेरमो: विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का किया गया आयोजन
Bermo: बेरमो प्रखंड कार्यालय के सभागार कक्ष में रविवार को विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का शुभारंभ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय फहीम किरमानी, तेनुघाट के सिविल जज राजेश रंजन कुमार (सिनियर डिवीजन) सह न्यायिक दंडाधिकारी, बेरमो प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार, अंचल अधिकारी संजीत कुमार सिंह, बेरमो प्रखंड प्रमुख गिरजा देवी, और बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
शिविर में बाल शोषण, दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न, छेड़खानी, और डायन प्रथा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार ने की और संचालन बंटी मिश्रा ने किया। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा का उद्देश्य लोगों को कानून की जानकारी देना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और उनका सही उपयोग कर सकें। विधिक सेवाएं लोगों को कानूनी सहायता भी प्रदान करती हैं, और अगर कोई जज के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर सकता है।
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश फहीम किरमानी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही और पारदर्शी तरीके से लाभुकों तक पहुंचाना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने विधिक सेवाओं और उनके नियमों की जानकारी दी और बताया कि अगर किसी को अधिकार नहीं मिल रहे हैं, तो कोर्ट के माध्यम से सहायता प्रदान की जाती है। सिविल जज राजेश रंजन ने बताया कि छोटे-मोटे घरेलू मामलों का निपटारा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सामाजिक स्तर पर करना चाहिए और महिलाओं को जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए।
प्रखंड विकास पदाधिकारी मुकेश कुमार और अंचल अधिकारी संजीत सिंह ने सरकार की योजनाओं को गरीब और असहाय लोगों के सशक्तिकरण के लिए एक बेहतर माध्यम बताया। बेरमो थाना प्रभारी रोहित कुमार सिंह ने कहा कि अत्याचार करना अगर अपराध है, तो अत्याचार को सहने से अपराध भी बढ़ता है, और इसका विरोध करना आवश्यक है।
शिविर में मुख्य अतिथि फहीम किरमानी ने झारखंड की महत्वपूर्ण ‘मय्या सम्मान योजना’ के तहत स्वीकृत लाभार्थी महिलाओं और छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसके साथ ही सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत किशोरियों को भी प्रमाण पत्र दिए गए। इस अवसर पर बेरमो प्रखंड प्रमुख गिरजा देवी, तेनुघाट के पेनल अधिवक्ता उमेश प्रसाद, पीएलवी विष्णु कुमार मिश्रा, सीडीपीओ गोता सोया, जेई अजित साह, और आंगनबाड़ी सेविकाएँ व सहायिकाएँ उपस्थित थीं।
