माहेर संस्था के लूसी कुरियन को CALL 100 सूची में 7वां स्थान, दुनिया के सबसे प्रेरणादायक लोगों में शामिल
अनंत/डेस्क
बेसहारा महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को आश्रय और सहायता प्रदान करने वाले गैर-लाभकारी संगठन ‘माहेर’ की संस्थापक सिस्टर लूसी कुरियन को प्रतिष्ठित CALL 100: दुनिया के सबसे प्रेरणादायक लोगों की सूची में 7वां स्थान प्राप्त हुआ है. यह सम्मान उनके अथक प्रयासों और समर्पण का प्रमाण है, जिससे उन्होंने हजारों जरूरतमंदों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है.
CALL मैगज़ीन द्वारा जारी इस वार्षिक सूची में विभिन्न क्षेत्रों के उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है, जो समाज में प्रेरक बदलाव लाते हैं. इस साल की सूची में शीर्ष स्थानों पर फैरेल विलियम्स (1), टेलर स्विफ्ट (2), नोबेल पुरस्कार विजेता इमैनुएल चार्पेंटियर (3) सहित कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं. इसके अलावा, लियोनेल मेसी (12), मरीना अब्रामोविक (15), दीपक चोपड़ा (31), पॉल मेकार्टनी (44), रिचर्ड ब्रैनसन (60), ओपरा विन्फ्रे (84) और पोप फ्रांसिस (80) भी इस सूची में शामिल हैं.
सीनियर लूसी ने क्या कहा
सम्मान मिलने पर लूसी ने कहा, “मैं इस मान्यता के लिए विनम्र और आभारी हूं. यह सम्मान न केवल मेरे काम का प्रमाण है, बल्कि माहेर टीम के अथक प्रयासों और हमारे दानदाताओं और शुभचिंतकों के अटूट समर्थन का भी प्रमाण है.
माहेर: आश्रय, शिक्षा और पुनर्वास का केंद्र
सीनियर लूसी ने 1997 में माहेर की स्थापना की थी, जो आज पूरे भारत में निराश्रित महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को आश्रय, शिक्षा और पुनर्वास प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण संगठन बन चुका है. माहेर का उद्देश्य समाज के हाशिए पर मौजूद लोगों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है.
सिस्टर लूसी की इस उपलब्धि ने भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को एक नई पहचान दिलाई है.
माहेर संस्था के राजेश कुजूर ने बताया कि दीदी कुरियन ने पिछले 28 वर्षों से देश के 7 राज्यों में 70 केंद्रों के माध्यम से 2600 असहाय बच्चों और विक्षिप्त महिलाओं की देखभाल, शिक्षा और इलाज का कार्य कर रही है. संस्था के इस प्रयास में स्थानीय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिलता है. वहीं गोमिया के कसवागढ़ में 2018 में संस्था की शुरुवात की गई. संस्था में अभी 29 अनाथ बच्चें एवं 21 विच्छित लोगों की सेवा की जा रही है. दीदी को सभी कर्मी और असहाय बच्चों की ओर से बधाई है.
