लूगु पहाड़ मुठभेड़ के बाद महिला नक्सली सुनिता मुर्मू का आत्मसमर्पण
गोमिया
सोमवार को नक्सली अनिता मुर्मू उर्फ लीलमुनि मुर्मू ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सोमवार को बोकारो एसपी मनोज स्वर्गयारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल 2025 को भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक के दस्ते के साथ सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए थे। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोलियां और अन्य सामग्री बरामद की गई।
मुठभेड़ के बाद शीर्ष नक्सली महिला सदस्य सुनिता मुर्मू उर्फ लीलमुनी मुर्मू, जो स्वयं भी मुठभेड़ में मौजूद थी, घटनास्थल से बच निकलने में सफल रही थी। लेकिन शीर्ष नेतृत्व के मारे जाने और लगातार सुरक्षा बलों के दबाव के चलते वह आत्मसमर्पण के लिए मजबूर हुई। 28 अप्रैल 2025 को उसने पुलिस अधीक्षक, बोकारो, सीआरपीएफ के कमांडेंट, अपर समाहर्त्ता और अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पित नक्सली सुनिता मुर्मू (उम्र 22 वर्ष), निवासी अमरपानी, थाना शिकारीपाड़ा, जिला दुमका, ने स्वीकार किया कि वह पूर्व में गिरिडीह जेल में तीन वर्षों तक न्यायिक हिरासत में रही थी तथा 21 अप्रैल की मुठभेड़ में भी सक्रिय रूप से शामिल थी। उस पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें महुआटांड थाना कांड संख्या-15/25 (2025) तथा खुखरा थाना कांड संख्या-09/18 (2018) शामिल हैं। इन मामलों में उस पर आर्म्स एक्ट, विस्फोटक अधिनियम, यूएपीए एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगे हैं।
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सुनिता ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की नीति के तहत उचित लाभ प्रदान किए जाएंगे।
इस अभियान को कोबरा 209, झारखंड जगुआर, सीआरपीएफ एवं बोकारो पुलिस ने संयुक्त रूप से सफल बनाया। प्रशासन ने इसे नक्सल उन्मूलन के दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
