शांति-अमन के बिना झारखंड में नहीं आएंगे उद्योग: बाबूलाल मरांडी
गोमिया
झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व विधायक दल के नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में शांति और अमन बहाल किए बिना उद्योग लगाना संभव नहीं है। सोमवार को गोमिया में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार काल से ही उग्रवाद चरम पर रहा है, और राज्य गठन के बाद जब उन्होंने सत्ता संभाली, तब उग्रवाद अपनी चरम स्थिति में था। राज्य को पटरी पर लाने के लिए कड़ा परिश्रम करना पड़ा।
मरांडी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकारों ने जनता के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू कीं, जिनका लाभ आम लोगों तक पहुंचा और व्यवस्था भी मजबूत हुई। लेकिन 2019 में महागठबंधन सरकार बनने के बाद राज्य में भ्रष्टाचार हावी हो गया है। विकास के नाम पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुखर है और विधानसभा में लगातार इसे उठाया जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके पास कई आदिवासी आते हैं, जिन्होंने अपनी रैयती जमीन के रसीद कटवाने में डिसमिस के अनुसार पैसे की मांग की जाती है। राज्य में अंचल कार्यालय के अधिकारी और बाबुओं से लोग परेशान हैं।
मौके पर जिप सदस्य डॉ सुरेन्द्र राज ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। बोकारो जिला भाजपा अध्यक्ष जयदेव राय, विधायक नागेंद्र महतो, भाजपा उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र राज, पूर्व सांसद रविंद्र पांडेय, पूर्व विधायक योगेश्वर महतो बाटुल, भाजपा नेता लक्ष्मण कुमार नायक, जिला महासचिव अनिल स्वर्णकार, गंदौरी राम, चन्दना डे, शिव शंकर दुबे, बबलू पांडेय, प्रमोद दास, दुलाल प्रसाद, रोहित यादव , प्रमोद स्वर्णकार, गजेंद्र कुमार, ओमकिंकर वर्मा आदि उपस्थित थे।
