संघर्षशील माताओं का सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर महिला सम्मान समारोह आयोजित
बेरमो/डेस्क
देश के महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर परमवीर अब्दुल हमीद स्मृति भवन में शोषित मुक्ति वाहिनी (शोमुवा) और ज्ञान दीप अभियान ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संघर्षशील माताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने जीवन की कठिनाइयों के बावजूद अपने बच्चों को शिक्षित कर समाज में मिसाल कायम की।
संघर्षशील माताओं को किया गया सम्मानित
समारोह में रोहिणी देवी, राधा देवी, डोली देवी, मुन्नी देवी, नूनी बाला देवी, कुंती देवी, अंजु देवी, रौशन आरा और जुबेदा बेगम को सम्मानित किया गया। इन महिलाओं ने अपने पति के निधन के बाद विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर अपने बच्चों को शिक्षित किया और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।
रौशन आरा की संघर्षगाथा सबसे प्रेरणादायक रही। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कठिन परिश्रम किया। जब उनके जवान बेटे की किडनी खराब हो गई, तो उन्होंने अपनी एक किडनी दान कर उसे जीवनदान दिया। उनकी इस बलिदानी भावना और संघर्ष को देखते हुए पूरे हॉल ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत और मुख्य अतिथि
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद भगत सिंह के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पण के साथ हुई। इसके बाद सम्मानित महिलाओं को ज्ञान दीप ट्रस्ट की छात्राओं द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट किया गया और अतिथियों द्वारा अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित दामोदर बचाओ अभियान के गुलाब प्रजापति, यूनाइटेड मिल्ली फोरम झारखंड के प्रदेश महासचिव अफजल अनीस, सीटू के प्रदेश सचिव विजय भोईं, पंच सूत्र की आरती चंद्रा, शिक्षिका मुसर्रत जहां, शोमुवा के अध्यक्ष श्याम मुंडा, अविनाश सिन्हा और शोमुवा के संरक्षक सुबोध सिंह पवार ने अपने विचार रखे और महिलाओं की संघर्षशीलता को सलाम किया।
शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
इस अवसर पर ज्ञान दीप अभियान ट्रस्ट के कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए और नए सत्र के लिए नामांकन-पत्र भी वितरित किए गए।
इस दौरान राजू ताँती ने ट्रस्ट को एक प्रिंटर मशीन भेंट की, जबकि बेरमो कोल्डफील्ड यूनियन ने दो कंप्यूटर दान किए। इससे गरीब छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा में सहायता मिलेगी। वहीं वीरेंद्र पासवान और सुकुमारण ने पुस्तकालय के लिए किताबें दान कीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला परिषद सदस्य चिंता देवी ने की। संयुक्त रूप से संचालन ज्ञान दीप अभियान ट्रस्ट की शिक्षिकाएं काजल कुमारी और तननु कुमारी तथा शोमुवा के सलाहकार जयनाथ ताँती ने किया।
स्वागत भाषण मुन्ना सिंह ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मिनहाज मंजर ने किया।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस मौके पर मुखिया प्रतिनिधि मुन्ना सिंह, संजय सिंह, शोमुवा के प्रदीप कुमार, सरोज मास्टर, विचित्रा सोनार, रतन निषाद, लखन तुरी, गुलबास अंसारी, संतोष दिगार, राकेश नायक, अविनाश सिन्हा, शिबू चक्रवर्ती और मो. फ़राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संघर्षशील माताओं के सम्मान से समाज को प्रेरणा
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संघर्ष और मेहनत से हर परिस्थिति पर विजय पाई जा सकती है। सम्मानित माताओं के संघर्ष की कहानियों ने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया और समाज में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई।