हूल दिवस पर गोमिया में याद किए गए संथाल विद्रोह के नायकों को
गोमिया
गोमिया के कसियाडीह और आईईएल फुटबॉल मैदान में सेरवा सांवता सरना समिति की ओर से हूल दिवस समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष सह गोमिया के पूर्व विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो शामिल हुए. आईइएल में विशिष्ट अतिथि के रूप डॉ बसंती हेम्ब्रम, जिप सदस्य डॉ सुरेन्द्र राज, मुखिया बंटी उरांव, रामबृक्ष मुर्मू खास तौर पर मौजूद थे। वहीं बिरसा सेना के जिला अध्यक्ष रविशन टुडू, मुखिया प्रतिनिधि पिंटू पासवान, सहित अन्य लोग शामिल थे. ढोल नगाड़ों के बीच हूल क्रांति के नायक वीर सिदो-कान्हू की तस्वीर पर अतिथियों ने पुष्प अर्पित कर नमन किया. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित की गई. इस मौके पर मुख्य अतिथि ने चांद भैरव और फूलो झानो को याद किया। उन्होंने कहा कि हूल क्रांति के जरिए तत्कालीन अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला देने वाले वीर शहीद महानायकों को नमन करता हूं. अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और महाजनों के खिलाफ हुए संथाल विद्रोह को हमेशा गर्व से याद किया जाता रहेगा. अंग्रेजों के खिलाफ हुए इस हूल क्रांति को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रथम क्रांति भी मानी जाती है. हूल क्रांति के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव एवं फूलो-झानो अदम्य साहस के प्रतिमूर्ति थे. इन्होंने अंग्रेजों और आदिवासियों पर महाजनों के शोषण के खिलाफ महाजनी प्रथा के खिलाफ 50 हजार से अधिक संथाली आदिवासियों को एकजुट कर विद्रोह किया था. इनके जज्बे को आज सलाम करने, प्रेरणा लेने एवं दमनकारी नीतियों, शोषण के खिलाफ एकजुट होकर संकल्प लेने का महान दिवस है. इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अमृत मरांडी, उपाध्यक्ष रमेश मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष मोतीलाल मरांडी, सचिव दिनेश मरांडी, कोषाध्यक्ष शिवचंद मांझी, सुशील मांझी, शिवचंद मांझी, प्रमोद मुर्मू, राजकुमारी देवी, राजेश मांझी, मिहिलाल मुर्मू मुख्य रूप से मौजूद थे.
