02 जनवरी तक स्कूल बंद, आंगनबाड़ी केंद्रों पर आदेश मौन, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
बोकारो
जिले में लगातार बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कक्षा केजी से 10वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 28 दिसंबर 2025 से 02 जनवरी 2026 तक पठन-पाठन कार्य स्थगित रखने का आदेश जारी किया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत लागू किया गया है।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा जारी शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार 28 दिसंबर 2025 से 05 जनवरी 2026 तक राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश घोषित है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, रांची द्वारा जारी विशेष बुलेटिन में झारखंड में आगामी दिनों तक भीषण ठंड और शीतलहर की चेतावनी दी गई है। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है।
हालांकि, इस आदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चे 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के होते हैं, जो ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के लिए बंद किया गया है, तो क्या आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ठंड नहीं लगेगी?
स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर भी शीघ्र स्पष्ट आदेश जारी किया जाए, ताकि छोटे बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।
फिलहाल आदेश में विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे आदेश का सख्ती से पालन करें। वहीं पूर्व से निर्धारित परीक्षाओं की स्थिति में विद्यालय अपने विवेक से सीमित संचालन कर सकते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र खुले रहेंगे या बंद—इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
