गुणानंद का भाजपा से इस्तीफा, क्या जेबीकेएसएस से है न्योता?
अनंत/बेरमो
भारतीय जनता पाटी के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य गुणानंद महतो ने पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इस संबंध में उन्होंने इस्तीफा पत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को लिखा है. इस्तीफा देने के उन्होंने कई कारण लिखा है जो भाजपा के लिए गंभीर है. उन्होंने पत्र में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड के आंदोलनकारियों और शहीदों के सपने को पूरा करने में नाकाम रही है. झारखण्ड में स्थानीय नीति, नियोजन नीति, पलायन, बेरोजगारी एवं विस्थापन जैसी ज्वलंत मुद्दों पर भाजपा मुखर नहीं है. झारखंड में युवाओं के जनभावनाओं का सम्मान नहीं मिलने के कारण वे दुखी हैं इसलिए भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.
क्यों इस्तीफा?
सूत्रों का कहना है कि गुणानंद महतो झारखंड भाषा ख़ातियानी संघर्ष समिति के नेता जयराम महतो के संपर्क में हैं. वे गोमिया विधानसभा से जयराम महतो के पार्टी के टिकट के लिए प्रयासरत हैं. इसलिए भाजपा से इस्तीफा दिया है. सूत्रों का कहना है कि कई दौर के वार्ता होने के बाद गुणानंद महतो ने इस्तीफा दिया है. वैसे कई और भाजपा के नेता हैं जो जयराम महतो के संपर्क में है और गोमिया विधानसभा से टिकट चाहते हैं. यदि टिकट पाने में असफल रहे तो निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. एक आदिवासी महिला चिकित्सक भी जयराम के पार्टी से संपर्क बनाए हुए है. वे भी चुनाव के लिए टिकट चाहती हैं. बहरहाल गुणानंद महतो ने भाजपा से इस्तीफा देकर सबसे आगे चल रहे हैं. कुछ दिन बाद संभावनायें सामने होगी.
जयराम महतो के समर्थकों का क्या कहना है?
जेबीकेएसएस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो नेता अभी शामिल होने के लिए आतुर हैं, वे आंदोलन में क्यों नहीं शामिल हुए? दूसरा सवाल है कि जब लोकसभा का चुनाव था उस समय वे क्यों नहीं खुलकर सामने आए। अब जबकि झारखंड में लोकसभा के चुनाव में जयराम महतो की पार्टी ने दमदार उपस्थिति दर्ज की है तो कई नेता उनके पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते हैं। लेकिन जो नेता अभी शामिल हो रहे हैं उनसे उक्त सवाल हमेशा पीछा करता रहेगा.
