पुत्र को जान मारने के नियत से घायल करने के आरोप में पिता को सात साल की सजा
तेनुघाट
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज प्रथम अनील कुमार ने जान मारने के प्रयास के मामले में पेटरवार थाना अंतर्गत लुकेया निवासी शिवा मांझी को दोषी पाते हुए सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. घटना 8/9 अगस्त 2014 की है, जब शिवा मांझी ने धारदार टांगी से अपने भांजे सत्येंद्र मांझी पर हमला किया था.
रजरप्पा थाना अंतर्गत सिद्धू कान्हु नगर निवासी शनिचर मांझी ने पेटरवार थाना प्रभारी के समक्ष बयान दर्ज कराया कि उनके जीजाजी शिवा मांझी ने अपने नौकर के साथ मिलकर उस पर हमला किया. सत्येंद्र मांझी गंभीर रूप से घायल हो गया और जान बचाने के लिए घर से बाहर भागा. ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर हमलावर भाग गए.
घायल सत्येंद्र मांझी को स्थानीय अस्पताल पेटरवार में भर्ती कराया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया. पुलिस ने बयान के आधार पर मामला दर्ज कर आरोप पत्र समर्पित किया, जिसे बाद में जिला जज प्रथम अनील कुमार की अदालत में स्थानांतरित किया गया.
गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद, अदालत ने शिवा मांझी को दोषी पाते हुए सात वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई. सजा सुनाए जाने के बाद अभियुक्त शिवा मांझी को तेनुघाट जेल भेज दिया गया. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अपर लोक अभियोजक विजय कुमार साहू ने बहस की.
