कथारा: रोजगार की मांग को लेकर ऑउट सोर्सिंग के खिलाफ आजसू ने किया गेट जाम
वी भारती/कथारा
आजसू पार्टी ने जारंगडीह खुली खदान का मुख्य द्वार को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया है. वे सरकार द्वारा लागू कानून के अनुसार स्थानीय विस्थापितों को रोजगार देने की मांग कर रहे हैं. इस आंदोलन का नेतृत्व आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव और अखिल झारखंड कोयला श्रमिक संघ के प्रभारी संतोष महतो कर रहे हैं.
संतोष महतो ने आरोप लगाया है कि जारंगडीह खुली खदान में आऊटसोर्सिंग का कार्य कर रही कंपनी झारखंड सरकार के श्रम नियोजन विभाग द्वारा बनाए गए निजी क्षेत्र में नियोजन अधिनियम 2021 और नियमावली 2022 का पालन नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी स्थानीय विस्थापितों के साथ धोखा कर रही है, जबकि पहले भी इस मुद्दे को लेकर सीसीएल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया था और समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आऊटसोर्सिंग कंपनी और सीसीएल प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां भी थाम रखी थीं, जिन पर विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को व्यक्त किया गया था. आजसू पार्टी की ओर से चेतावनी दी गई है कि जब तक 75% स्थानीय विस्थापित और प्रभावित ग्रामीणों को रोजगार नहीं दिया जाएगा, तब तक यह चक्का जाम जारी रहेगा.
आश्वासन के बाद आंदोलन हुआ समाप्त
चक्का जाम लगभग 5 घंटे तक चला. इसके कथारा महाप्रबंधक संजय कुमार द्वारा लिखित रूप से अश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किया गया. सांसद प्रतिनिधि मुकेश कुमार ने बताया कि कथारा महाप्रबंधक ने लिखित रूप से अश्वासन दिया है कि अगामी 22 अगस्त को मांगों को लेकर वार्ता की जायेगी. वार्ता में गिरीडीह लोकसभा के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी की भी उपस्थिति मुख्य रूप से रहेंगी. चक्का जाम आंदोलन में गौतम राम,अशोक मंडल, कृष्णा नायक,राजेंद्र नायक सहित अन्य कई लोग शामिल थे.
