गुरु नानक देव जी की 557वीं जयंती पर बोकारो थर्मल में उमड़ा आस्था का सैलाब
रामचन्द्र कुमार अंजाना | बोकारो थर्मल
सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की 557वीं जयंती के पावन अवसर पर बुधवार को बोकारो थर्मल स्थित गुरुद्वारा में बेरमो सेंट्रल गुरुद्वारा कमिटी के तत्वावधान में ‘प्रकाश पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर बोकारो थर्मल, कथारा, गोमिया, जारंगडीह, जरीडीह बाजार, सुभाष नगर और करगली सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति का सागर उमड़ पड़ा।

कार्यक्रम का शुभारंभ 3 नवंबर से जारी अखंड पाठ साहिब के समापन के साथ हुआ। इसके बाद सरदार परमतजीत सिंह द्वारा विशेष धार्मिक दीवान सजाया गया। आंध्र प्रदेश से आए रागी जत्था ने अपनी मधुर और ओजपूर्ण कीर्तन प्रस्तुति से संगत को भावविभोर कर दिया। जत्था के मुख्य प्रचारक जगदीश राज सिंह तथा उनके सहयोगी सतपाल सिंह, उदिता किरण और लावण्या ने ‘शबद कीर्तन’ और ‘भजन’ प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
अपने प्रवचन में जगदीश राज सिंह ने गुरु नानक देव जी के मूलमंत्र “मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” पर जोर देते हुए कहा कि गुरु जी ने समाज को अंधविश्वास, ऊँच-नीच और भेदभाव से मुक्त कराने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज हमें गुरु जी के बताए सिद्धांत “किरत करो, नाम जपो और वंड छको” – अर्थात् ईमानदारी से कमाओ, ईश्वर को याद रखो और बांटकर खाओ – को जीवन में अपनाने की जरूरत है।
मौके पर गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और प्रदेश की सुख-शांति की कामना की। डीवीसी बोकारो थर्मल के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया, वरीय जीएम (O&M) मधुकर श्रीवास्तव, सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, जिप सदस्य शहजादी बानो सहित सुरजीत सरकार, दीपक महतो, सदन सिंह, जानकी महतो, विकास सिंह, रिंकू सिंह, श्रवण सिंह, ब्रज किशोर सिंह, रामेश्वर साव और मोतीलाल महतो उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में गुरु का अटूट लंगर लगाया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने जाति-धर्म का भेद भुलाकर एक साथ भोजन ग्रहण किया। आयोजन की सफलता में स्थानीय गुरुद्वारा कमिटी और सेंट्रल कमिटी के सदस्यों मनजीत सिंह, बलविंदर सिंह, बक्शी सिंह, इंदरजीत सिंह, शैलेंद्र सिंह, धरम सिंह, बिनोद भाटिया, अमरजीत सिंह, यशपाल सिंह, बलजीत सिंह, गुरमीत सिंह, विक्की, विशाल सकूजा, बंटी सकूजा, सविंदर सिंह, अंजू कौर, हरविंदर कौर, अमरजीत कौर, मनीषा सकूजा, मनीषा नैयर, मंजू कौर सहित सेंट्रल कमिटी के प्रधान गुरमीत सिंह, सचिव अमृतपाल सिंह, निशान सिंह, बबलू सिंह और शार्दूल सिंह का विशेष योगदान रहा।
