गरीबों की सेवा की मिसाल हैं माधव लाल सिंह, वर्षों से निभा रहे वस्त्र वितरण की परंपरा
गोमिया। अनंत
गरीबों, असहायों और आदिम जनजातियों की सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाने वाले पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कंबल, साड़ी और धोती वितरण की जिस परंपरा की उन्होंने वर्षों पहले शुरुआत की थी, वह आज भी पूरी निष्ठा और निरंतरता के साथ जारी है। जहां कई लोग समाज सेवा को अपने लाभ और सुविधा से जोड़कर देखते हैं, वहीं माधव लाल सिंह बिना किसी दिखावे के लगातार जरूरतमंदों के बीच सहायता पहुंचा रहे हैं।
15 अगस्त, 26 जनवरी, गांधी जयंती हो या वर्ष का पहला दिन—हर खास अवसर पर वे गरीब परिवारों के बीच वस्त्र वितरण करना नहीं भूलते। दीपावली जैसे पर्व पर वे गरीब बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए पटाखे और मिठाइयां भी बांटते हैं, ताकि खुशियों का त्योहार सबके लिए समान हो।
इसी कड़ी में 24 दिसंबर की रात उन्होंने गोमिया प्रखंड के सियारी पंचायत अंतर्गत बिरहोर टंडा, डुमरी बिहार में निवासरत आदिम जनजाति बिरहोर परिवारों के बीच कंबल का वितरण किया। कड़ाके की ठंड को देखते हुए उन्होंने अत्यंत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गर्म कपड़े उपलब्ध कराए, जिससे ठंड के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह ने कहा कि हर वर्ष शीत ऋतु के आगमन पर आदिम जनजाति और असहाय परिवारों के बीच कंबल व गर्म वस्त्र का वितरण करना उनका नियमित प्रयास है। उन्होंने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों की मदद करना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हर सक्षम नागरिक का नैतिक दायित्व है।
कंबल पाकर बिरहोर समुदाय के लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। स्थानीय ग्रामीणों ने इस मानवीय पहल के लिए पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी यह सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
