हाथी के हमले में युवक की मौत, मंत्री योगेंद्र प्रसाद पहुंचे घटनास्थल
गोमिया के कंडेर पंचायत में दर्दनाक घटना, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
गोमिया
बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया प्रखंड के ग्राम पंचायत कंडेर अंतर्गत दरहाबेड़ा नया टोला गांव में शनिवार देर रात हाथी के हमले में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान करमचंद सोरेन (35 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार करमचंद सोरेन अपने परिवार के साथ घर में गहरी नींद में सो रहे थे। देर रात अचानक एक हाथी ने उनके घर को तोड़ना शुरू कर दिया। ईंट की दीवार टूटने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली और वे जान बचाने के लिए घर से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान हाथी ने अपनी सूंड से उन्हें पकड़कर पटक दिया, जिससे मौके पर ही वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के समय उनकी पत्नी और बच्चे किसी तरह घर से बाहर निकलकर भागने में सफल रहे, हालांकि उनके पुत्र को भी आंशिक चोटें आई हैं। हाथी ने घर में रखे धान को नष्ट कर दिया और मकान को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही कंडेर पंचायत की मुखिया भानु कुमारी मोदी ने तत्काल एम्बुलेंस और वन विभाग की हाथी भगाओ टीम को सूचित किया। मौके पर पहुंची टीम ने हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। घायल करमचंद सोरेन को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
मंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का आश्वासन
घटना की सूचना मिलने पर रविवार सुबह पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें ढांढस बंधाया।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सरकारी प्रावधान के तहत चार लाख रुपये मुआवजा शीघ्र दिलाने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता राशि पीड़ित परिवार को प्रदान की गई। मंत्री ने अपने स्तर से भी आर्थिक सहायता की। उन्होंने घर का पुनर्निर्माण कराने और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था कराने का भी आश्वासन दिया।
घटना में घायल मृतक के पुत्र को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मौके पर महुआटांड़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार कुशवाहा पुलिस बल के साथ पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
हाथियों के आतंक पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने मौके से ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में हाथियों के बढ़ते उत्पात पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने एलिफेंट कॉरिडोर (हाथियों के मार्ग) को चिन्हित कर हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की रणनीति अपनाने पर जोर दिया, ताकि ग्रामीणों को स्थायी राहत मिल सके।
मंत्री ने हाथी भगाओ दल के सदस्यों से भी बातचीत कर हाथियों के झुंड की स्थिति की जानकारी ली और प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा की मांग
लगातार हो रही हाथियों की घटनाओं से क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
