नावाडीह: कर्मा पर्व झारखंड की सभ्यता, संस्कृति और प्रकृति का त्योहार है: बेबी देवी
बी महतो/नावाडीह
नावाडीह में आयोजित करमा महोत्सव में झारखंड की संस्कृति और सभ्यता का विशेष महत्व देखने को मिला. बिनोद बिहारी महतो ग्रामीण स्टेडियम में मंगलवार को आयोजित इस महोत्सव में कुल 210 युवतियों की टीमों ने करमा गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया. इस महोत्सव का उद्घाटन राज्य की महिला, बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा मंत्री बेबी देवी ने किया. उनके साथ प्रमुख पुनम देवी, मुखिया संघ अध्यक्ष विश्वनाथ महतो, बीस सूत्री अध्यक्ष वृजलाल हंसदा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे.

इस महोत्सव में भाग लेने वाले प्रतिभागियों में से पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वालों को क्रमशः 11,000 रुपये, 7,000 रुपये, और 5,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया, वहीं, शेष 207 ग्रुप को सांत्वना स्वरूप 2,000 रुपये और बारह साड़ियां दी गईं.
मंत्री बेबी देवी ने इस अवसर पर करमा पर्व की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व झारखंड की सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है और यह हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और धर्म-कर्म के प्रति आदर की भावना सिखाता है. उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार माताओं और बहनों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें ‘मांइयां सम्मान योजना’ के तहत सम्मानित कर रही है.

इस महोत्सव में हजारों युवतियों ने स्टेडियम से पदयात्रा करते हुए शोभायात्रा निकाली, जो चिरूडीह मोड़, देवी कॉलेज मोड़, सीमाटांड होते हुए स्टेडियम तक पहुंची. मौके पर मंत्री ने झारखंड की कला और संस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की.
इस आयोजन में जिला सचिव जयनारायण महतो, बीस सूत्री उपाध्यक्ष गणेश महतो, डुमरी प्रखंड अध्यक्ष डेगलाल महतो, उपप्रमुख हरिलाल महतो, और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया.
