बेरमो: गोविंदपुर परियोजना में हो रहे नुकसान पर चर्चा की गई
Kathara: कथारा क्षेत्र के सीसीएल कथारा ऑफिसर्स क्लब में गुरुवार को सीसीएल कथारा प्रबंधन और सलाहकार समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गोविंदपुर भूमिगत खदान और जारंगडीह खुली खदान में हो रही उत्पादन और उत्पादकता के मुद्दों पर चर्चा करना था.
बैठक की अध्यक्षता महाप्रबंधक संजय कुमार ने की और संचालन एसओपी जयंत कुमार ने किया. महाप्रबंधक संजय कुमार ने बैठक में गोविंदपुर भूमिगत खदान और जारंगडीह परियोजना सहित कथारा क्षेत्र की अन्य परियोजनाओं की स्थिति और उनकी वित्तीय स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गोविंदपुर भूमिगत खदान चालू होने के बावजूद इस वित्तीय वर्ष में लगभग 37 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, और खदान से प्रति टन 85,000 रुपये का घाटा हो रहा है. इस स्थिति में, खदान को चालू रखने का कोई औचित्य नहीं दिख रहा है.
महाप्रबंधक संजय कुमार ने कहा कि परियोजनाओं का सुचारू रूप से संचालन और क्षेत्र में वेलफेयर का कार्य उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने जारंगडीह परियोजना की स्थिति पर भी चिंता जताई, जहां कोयले के उत्पादन में कमी आई है और आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा समय पर कार्य न किए जाने के कारण ओबी (ओवरबर्डन) में भी कमी आई है. इस समस्या का समाधान निकालने के लिए जारंगडीह डिपार्टमेंटल कार्य की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है और इसके लिए स्वीकृति मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
सलाहकार समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि खदान को बंद करने से बेहतर है कि कोई वैकल्पिक विकल्प खोजा जाए, जिससे क्षेत्र पर बुरा प्रभाव न पड़े. यदि खदान को बंद करना आवश्यक हो, तो भूमिगत खदान के मजदूरों को कथारा क्षेत्र में समाहित किया जाए या उनकी इच्छानुसार बाहर भेजा जाए.
बैठक में जेएस पैकरा, सीबी तिवारी, एके तिवारी, डीके सिन्हा, विजय कुमार, संजय सिंह, मेघनारायण राम, सुनील कुमार गुप्ता, सूर्यप्रकाश कुमार, चंदन कुमार, गुरुप्रसाद मंडल, पीके विश्वास, राजू स्वामी, मथुरा सिंह यादव, बालगोविंद मंडल, इकबाल अहमद, रितलाल महतो, पीके जायसवाल और अन्य सदस्य उपस्थित थे.
