विस्थापितों और स्थानीय बेरोजगारों के रोजगार के लिए ओरिका कंपनी को सौंपा ज्ञापन
गोमिया
विस्थापित संघर्ष समिति, गोमिया ने आइईपीएल (ओरिका) के मानव संसाधन प्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा। समिति के सचिव राकेश कुमार ने कहा कि कंपनी स्थानीय विस्थापितों की भूमि पर स्थापित हुई है और इससे उत्पन्न प्रदूषण का सीधा प्रभाव विस्थापितों और स्थानीय निवासियों पर पड़ता है। ऐसे में कंपनी से स्थानीय लोगों को रोजगार देने की उम्मीद स्वाभाविक है।
हालांकि, समिति ने आरोप लगाया कि वर्तमान में कंपनी में कई एजेंसियां और आउटसोर्सिंग कंपनियां कार्यरत हैं, जो अन्य जिलों और स्थानों से मजदूर लाकर काम करवा रही हैं। यह जानकारी मिली है कि कंपनी में वर्तमान में वेयरहाउस निर्माण, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और सिविल कार्य चल रहे हैं, जिनमें बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है। समिति ने इसे विस्थापितों और स्थानीय बेरोजगारों के अधिकारों का उल्लंघन और मानवता के खिलाफ बताया।
विस्थापित संघर्ष समिति ने मांग की है कि आउटसोर्सिंग और जॉब कांट्रैक्ट के माध्यम से काम कर रहे बाहरी मजदूरों को हटाया जाए और उनकी जगह विस्थापितों और स्थानीय बेरोजगारों को काम पर रखा जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
