तेनुघाट: गोमिया के तीन पंचायतों में डीप बोरिंग में अनियमितता की जांच की मांग सहित अन्य दो खबर पढ़ें
Tenughat: गोमिया प्रखंड की दिव्यांग समाज कल्याण समिति के सचिव महबूब अंसारी ने अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ को लिखित आवेदन देकर ओएनजीसी बोकारो के सीएसआर फंड से किए गए डीप बोरिंग में अनियमितताओं की जांच की मांग की है. उनका आरोप है कि जीवन ज्योति नामक संस्था को पूर्वी साडम, झिरकी और महली बांध पंचायतों में डीप बोरिंग कर ग्रामीणों को पानी की सुविधा देने का कार्य सौंपा गया था, लेकिन संस्था ने मनमाने ढंग से काम किया. महबूब अंसारी ने आरोप लगाया है कि संस्था ने मानक के अनुसार कार्य नहीं किया है।
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि पेयजल विभाग के कनीय अभियंता और कार्यपालक दंडाधिकारी द्वारा मामले की जांच कराई जाएगी ताकि आरोपों की गंभीरता का पता लगाया जा सके.

तेनुघाट: अधिवक्ता के सिर पर गिरा पंखा, अस्पताल में इलाज के बाद हालत स्थिर
तेनुघाट अधिवक्ता संघ के सदस्य विनय कुमार सिन्हा के सिर पर अचानक पंखा गिरने से वे घायल हो गए. यह हादसा बुधवार सुबह हुआ, जब वे अपने कार्यालय में काम कर रहे थे. अचानक ऊपर लगा पंखा गिरा और उनके सिर पर गहरी चोट लगी, जिससे खून बहने लगा.
अधिवक्ता वकील महतो ने उन्हें तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सिर पर टांके लगाए और आराम करने की सलाह दी.
इस मौके पर अधिवक्ता अनिल कुमार लाल, रमेंद्र कुमार सिन्हा (निशु), सुभाष कटरियार (राजा), बैद्यनाथ शर्मा, रतन कुमार सिन्हा, प्रशांत पाल, जीवन सागर, सत्येंद्र कुमार सिन्हा, विजय कुमार सिन्हा, अभिमन्यु कुमार सिन्हा समेत कई लोग अस्पताल पहुंचे.

तेनुघाट: आउटसोर्स कर्मियों की हड़ताल समाप्त, वेतन भुगतान का लिखित आश्वासन
तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल में वेतन भुगतान की मांग को लेकर चल रही आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई. झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो के हस्तक्षेप के बाद राइडर सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने सभी कर्मचारियों को वेतन भुगतान का लिखित आश्वासन दिया.
पिछले छह महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मी हड़ताल पर चले गए थे, जिससे अस्पताल की सेवाएं बाधित हो रही थीं. मंत्री के निर्देश के बाद कंपनी ने वेतन भुगतान शुरू करने का लिखित दस्तावेज सौंपा.
आउटसोर्स कर्मचारियों के अनुसार 31 मार्च तक दिसंबर 2024 तक का मानदेय दिया जाएगा. अप्रैल माह में मार्च 2025 तक का वेतन भुगतान किया जाएगा. अन्य मांगों पर भी चर्चा हुई.
अगर भविष्य में वेतन समय पर नहीं दिया गया, तो कर्मियों ने उचित कदम उठाने की चेतावनी दी है. इस समाधान में सिविल सर्जन और जिला परिषद की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
