तेनुघाट में धूमधाम से मनाया गया बाहा बोंगा सरहुल पर्व, झारखंड सरकार से सरना धर्म कोड लागू करने की उठी मांग
तेनुघाट
तेनुघाट पंचायत सचिवालय के पास अनुमंडल स्तरीय बाहा बोंगा सरना समिति के बैनर तले पारंपरिक उत्साह और हर्षोल्लास के साथ सरहुल पर्व मनाया गया। इस अवसर पर युवक-युवतियों और महिला-पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़े और मंडर की थाप पर जमकर थिरकते हुए लोक नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत नायके बाबा मुकाम मांझी एवं नायके हाड़ाम चमन गंझु टुड्डू द्वारा प्राकृतिक फूलों से विधिवत पूजा-अर्चना कर की गई।
मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो नेता एवं पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष राधा सोरेन उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बाहा बोंगा पर्व आदिवासियों का प्रमुख त्योहार है, जो पूर्णतः प्राकृतिक सामग्रियों से पूजा कर मनाया जाता है। उन्होंने झारखंड सरकार से सरना धर्म कोड लागू करने और सरना धर्म को राज्य भाषा का दर्जा देने की मांग की।
राधा सोरेन ने बताया कि आगामी 13 अप्रैल को जारंगडीह में बाहा बोंगा पर्व का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इस आयोजन में झामुमो बोकारो जिला व्यवसाय संघ के अध्यक्ष राकेश सेठी भी पारंपरिक मांदर की थाप पर थिरकते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति और संस्कृति के प्रति हमारी आस्था का प्रतीक है।
मौके पर जिप सदस्य माला कुमारी, पूर्व जिप सदस्य दिलीप मुर्मू, करमचंद हांसदा, फिनिराम सोरेन, सुखनाथ मुर्मू, श्रीराम हेम्ब्रम, सेवालाल मुर्मू, रीता देवी, होपन हेम्ब्रम, मनोहर मुर्मू, कौलेश्वर मुर्मू, सीडी हांसदा, बाबूचंद मुर्मू, मुखिया अरविंद मुर्मू, नेमचंद मांझी, सीताराम मुर्मू, शक्तिधर महतो समेत बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।