बाबा साहब की जयंती, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा – “आज हम जो हैं, बाबा साहब की वजह से हैं”
गोमिया (बेरमो)
गोमिया प्रखंड के बेलाटांड़ गांव में शुक्रवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की पखवारा जयंती समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद उपस्थित हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा, “आज हम जो कुछ भी हैं, वह बाबा साहब की वजह से हैं। यहां के लोग शिक्षक, दरोगा बन रहे हैं, यह उनके संघर्ष का ही परिणाम है।” उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने विषम परिस्थितियों में भी समाज को उसके अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।

मंत्री ने कार्यक्रम में घोषणा की कि बेलाटांड़ में बाबा साहब की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ उनसे प्रेरणा ले सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा, “मनुवादी विचारधारा नहीं चलेगी, देश को सिर्फ बाबा साहब की विचारधारा ही तरक्की के रास्ते पर ले जा सकती है।”
इस अवसर पर मंत्री ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी समावेशी, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज की दिशा में हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। “उनकी विरासत केवल अनुस्मरण के योग्य नहीं, अपितु अनुकरण के योग्य भी है,” उन्होंने कहा।
समारोह में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: बेरमो एसडीएम मुकेश मछुआ, सीओ अफताब आलम, बीडीओ महादेव महतो, थाना प्रभारी नित्यानंद भोगता, मो अशरफ़, मुखिया बलराम रजक, विधायक प्रतिनिधि अमित पासवान, समाजसेवी गंदौरी राम, बद्री पासवान, रविन्द्र बौद्ध, रोहित यादव, धर्मनाथ बौद्ध, रविंद्र बौद्ध सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम का संचालन बाबूचंद राम ने किया जबकि मदन बौद्ध ने त्रिशरण और पंचशील का आयोजन कराया।
अंबेडकर समिति, बेलाटांड़ के अध्यक्ष गिरधारी रविदास, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र रविदास, सचिव बसंत रवि, कोषाध्यक्ष शंकर रवि समेत तिलेश्वर रवि, शीतल, सोहन, चमन, गोविंद, कुंदन, राजेन्द्र, महेश रविदास सहित सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मंत्री ने समिति को दी बधाई
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अंबेडकर समिति बेलाटांड़ के सभी सदस्यों को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
इस कार्यक्रम ने न केवल बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी, बल्कि समाज में उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प भी दोहराया।
