तेनुघाट अधिवक्ता संघ भवन में वरीय अधिवक्ता फलाहारी महतो के निधन पर शोक सभा आयोजित
Tenughat: तेनुघाट व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को वरीय अधिवक्ता फलाहारी महतो के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला जज प्रथम फहीम किरमानी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा, महासचिव वकील प्रसाद महतो सहित न्यायिक पदाधिकारी एवं अधिवक्तागण उपस्थित थे।
शोक सभा को संबोधित करते हुए जिला जज प्रथम फहीम किरमानी ने दिवंगत फलाहारी महतो के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि वर्ष 1968 में हजारीबाग जिला से वकालत शुरू करने वाले महतो लगभग 85 वर्ष के थे। उन्होंने कहा कि उनके निधन से अधिवक्ता समाज सहित पूरा न्यायिक परिवार मर्माहत है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
इससे पूर्व अधिवक्ता संघ भवन में संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा की अध्यक्षता में भी एक शोक सभा आयोजित की गई। श्री मिश्रा ने बताया कि दिवंगत फलाहारी महतो ने वर्ष 1972 से गिरिडीह में और 1981 से तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में वकालत की। वे बेहद मिलनसार और सामाजिक व्यक्ति थे, जो हर सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। पिछले कुछ दिनों से वे बीमार चल रहे थे और इलाजरत थे। वे अपने पीछे दो पुत्र और चार पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
महासचिव वकील प्रसाद महतो ने बताया कि शनिवार 26 अप्रैल को अधिवक्ताओं ने दिवंगत अधिवक्ता के सम्मान में अपने आप को न्यायिक कार्यों से अलग रखा। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा दिवंगत के परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
शोक सभा में कुटुंब न्यायालय के प्रेमनाथ पांडेय, जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी, एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति, सब जज द्वितीय राज कुमार पांडेय, मुंसिफ शिवराज मिश्रा, प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला, उपाध्यक्ष वेंकट हरि विश्वनाथन, संयुक्त सचिव (पुस्तकालय) राकेश कुमार सहित चन्द्रशेखर प्रसाद, बासु कुमार डे, अरुण कुमार सिन्हा, बी एन पोद्दार, जगदीश मिस्त्री, सुरेश तिवारी, डी एन तिवारी, अभिषेक कुमार मिश्रा, रमेंद्र कुमार सिन्हा, पुनीत लाल प्रजापति, चेतनानंद प्रसाद, जीतेंद्र दे समेत कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।
सभा के अंत में सभी उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
