तेनुघाट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में दोषी रतन लाल सहाय को छह माह की सजा और 2.35 लाख का जुर्माना
तेनुघाट
तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिग्विजय नाथ शुक्ला की अदालत ने चेक बाउंस मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए गोमिया थाना क्षेत्र के होसिर पटवा टोला निवासी रतन लाल सहाय को छह महीने की सश्रम कारावास और दो लाख पैंतीस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।
यह मामला 2022 में दर्ज किया गया था, जब गोमिया थाना अंतर्गत साड़म चटनियाबाग निवासी राज कुमार नायक ने न्यायालय में परिवाद पत्र दाखिल कर बताया कि उनकी और रतन लाल सहाय की पहले से मित्रता थी। रतन लाल ने दोस्ती का लाभ उठाकर जरूरी काम के लिए एक लाख अस्सी हजार रुपये उधार मांगे, जिसे राज कुमार ने दे दिया। इसके एवज में रतन लाल सहाय ने उन्हें एक चेक दिया, लेकिन जब वह चेक बैंक में जमा किया गया तो वह बाउंस हो गया। कई बार याद दिलाने के बावजूद जब आरोपी ने राशि नहीं लौटाई, तो परिवादी ने अदालत का रुख किया।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से गवाह और बहस प्रस्तुत की गई। सभी साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने रतन लाल सहाय को दोषी पाया और उपरोक्त सजा सुनाई।
सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी के अधिवक्ता ने उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए आवेदन किया, जिसके बाद अदालत ने रतन लाल सहाय को जमानत पर रिहा कर दिया। परिवादी की ओर से अधिवक्ता समीर कुमार सामंता और पंकज कुमार सिंह ने पक्ष रखा।
