बेरमो कोयलांचल के तीन एरिया से होगा 19 मिलियन टन कोयला उत्पादन : सीसीएल सीएमडी
बेरमो
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेन्दु कुमार सिंह ने कहा कि कंपनी पिछरी माइंस को दोबारा शुरू करने को लेकर गंभीर है और हर हाल में इसे चालू किया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सीसीएल 105 मिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करेगा।
सीएमडी सिंह ने बताया कि बेरमो कोयलांचल के तीन प्रमुख एरिया—बीएंडके, कथारा और ढोरी—मिलकर लगभग 19 मिलियन टन कोयला उत्पादन करेंगे। कारो ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) को वन विभाग से स्टेज टू क्लियरेंस मिल चुका है और जल्द ही पेड़ कटाई का टेंडर भी जारी किया जाएगा। कथारा एरिया में उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है, वहीं ढोरी एरिया भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमलो माइंस को सीसीएल का मॉडल माइंस बनाने की योजना है, क्योंकि यहां बेहतर लॉजिस्टिक और भूमि की उपलब्धता है। अगस्त तक अमलो में सीसीएल का पहला हाईवाल माइनिंग प्रोजेक्ट उत्पादन शुरू कर देगा। सीएमडी ने जानकारी दी कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में सीसीएल ने 800 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा अर्जित किया।
मौके पर बीएंडके के महाप्रबंधक चितरंजन कुमार समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
