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पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह की अस्थियां सुल्तानगंज, प्रयागराज और काशी में विसर्जित

पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह की अस्थियां सुल्तानगंज, प्रयागराज और काशी में विसर्जित
गोमिया:
पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह की अस्थियां सोमवार को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में विसर्जित की गईं। उनके पुत्र प्रकाश लाल सिंह एवं अन्य परिजनों ने वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के बीच अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की।
ज्ञात हो कि पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन 13 मई को हुआ था। उनके निधन की खबर से बिहार और झारखंड के राजनीतिक तथा सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। 14 मई को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान और हजारों लोगों की उपस्थिति में किया गया था। अंतिम दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे थे।

सोमवार 19 मई को उनके पुत्र अस्थियों को लेकर सबसे पहले बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उत्तरवाहिनी गंगा तट पर विधिवत पूजा-अर्चना और पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुल्तानगंज का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां गंगा उत्तर दिशा की ओर बहती है। परिवारजनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके बाद प्रयागराज स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम में अस्थि विसर्जन किया गया। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम स्थल को सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यहां श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अस्थियों को संगम में प्रवाहित किया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि माधव लाल सिंह जीवनभर समाज सेवा, जनकल्याण और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रहे।
अंत में परिवार के सदस्य भगवान शिव की नगरी काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे, जहां गंगा तट पर वैदिक पंडितों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना कराई गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काशी में अस्थि विसर्जन करने से दिवंगत आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। परिवार के सदस्यों ने बाबा विश्वनाथ से दिवंगत आत्मा की शांति और सद्गति की कामना की।
अस्थि विसर्जन यात्रा के दौरान उनके पुत्र की आंखें नम दिखीं। उनके साथ बबलू कुमार, गोपाल राम और बासुदेव यादव थे।

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