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पचमो पंचायत के कई जलस्रोतों में फ्लोराइड और आर्सेनिक की अधिक मात्रा, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा

पचमो पंचायत के कई जलस्रोतों में फ्लोराइड और आर्सेनिक की अधिक मात्रा, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा
अनंत कुमार
गोमिया
गोमिया प्रखंड अंतर्गत पचमो पंचायत के कई जलस्रोतों में मानक से अधिक फ्लोराइड एवं आर्सेनिक पाए जाने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, तेनुघाट के कार्यपालक अभियंता द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को पत्र जारी कर लोगों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
पत्र के अनुसार राज्यस्तरीय जल जांच प्रयोगशाला में कराई गई जांच में पचमो पंचायत के कई हैंडपंप, कुओं और जलापूर्ति योजनाओं के पानी में फ्लोराइड और आर्सेनिक की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेयजल में फ्लोराइड की मात्रा 1.0 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि कई स्रोतों में यह मात्रा 5.19 मिलीग्राम प्रति लीटर तक दर्ज की गई है।
विभाग के अनुसार अत्यधिक फ्लोराइड युक्त पानी के लंबे समय तक सेवन से दांतों में पीलापन, धब्बे तथा डेंटल फ्लोरोसिस की समस्या उत्पन्न हो सकती है। वहीं हड्डियों में विकृति और स्केलेटल फ्लोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। दूसरी ओर आर्सेनिक युक्त पानी का सेवन भी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार पुरनापानी, हुरदाग, पचमो एवं झुमरा पहाड़ क्षेत्र के कई जलस्रोत प्रभावित पाए गए हैं। सबसे अधिक फ्लोराइड पचमो स्वास्थ्य केंद्र के निकट स्थित हैंडपंप में 5.19 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज किया गया है, जबकि हुरदाग और पुरनापानी के कई जलस्रोतों में भी फ्लोराइड की मात्रा 2 से 3.5 मिलीग्राम प्रति लीटर के बीच पाई गई है। वहीं पुरनापानी, हुरदाग और पचमो के कुछ स्रोतों में आर्सेनिक भी मानक से अधिक मिला है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन जलस्रोतों में फ्लोराइड या आर्सेनिक की मात्रा अधिक पाई गई है, उनके पानी का सीधे पीने में उपयोग नहीं किया जाए। ऐसे पानी का उपयोग नहाने, कपड़े और बर्तन धोने जैसे घरेलू कार्यों में किया जा सकता है। विभाग द्वारा फ्लोराइड हटाने के लिए ईडीएफ (EDF) प्लांट तथा आर्सेनिक रिमूवल प्लांट लगाने की दिशा में प्राक्कलन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
इस मामले पर पचमो पंचायत के मुखिया राजेश रजवार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतवासियों के लिए यह संकट का समय है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों के सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए, फ्लोराइड एवं आर्सेनिक के दुष्प्रभाव का आकलन किया जाए तथा प्रभावित लोगों का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने पंचायत में तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने की मांग की।
मुखिया ने ग्रामीणों से अपील की है कि जिन जलस्रोतों में फ्लोराइड और आर्सेनिक की अधिक मात्रा पाई गई है, उनका पानी पीने के लिए बिल्कुल उपयोग न करें और विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

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